आगरा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली की अदालत ने धोखाधड़ी और अन्य गंभीर आरोपों के मामले में ताजगंज पुलिस को दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
अदालत ने यह फैसला पीड़िता के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद लिया।
मामले के अनुसार, ताजगंज थाना क्षेत्र के संगीता अपार्टमेंट निवासी कविता यादव पत्नी स्वर्गीय शुभम यादव ने अपने अधिवक्ता धीरज कुमार के माध्यम से न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।
इसमें आरोप लगाया गया था कि पीड़िता के पति शुभम यादव होटल मैनेजमेंट का एक इंस्टीट्यूट चलाते थे।
इस इंस्टीट्यूट में मुमताज अपार्टमेंट, ताजगंज निवासी अमन रंधावा प्रबंधन का कार्य संभालता था, जबकि भगवान सिंह नाम का व्यक्ति छात्रों के प्लेसमेंट का काम देखता था।
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प्रार्थना पत्र में कहा गया कि पीड़िता के पति का इन दोनों व्यक्तियों पर छह लाख रुपये बकाया था। इस संबंध में शिकायत करने पर भगवान सिंह ने चार लाख चौदह हजार रुपये तो वापस कर दिए, लेकिन शेष राशि देने से मुकर गया।
इस बीच पीड़िता के पति की मृत्यु हो गई। आरोप है कि पति के निधन के बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर इंस्टीट्यूट का सारा कीमती सामान गायब कर दिया।
जब विधवा महिला ने इस बात का विरोध किया और अपनी रकम व सामान वापस मांगा, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की।
पीड़िता द्वारा पुलिस में सुनवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। न्यायालय में वादिया के अधिवक्ता धीरज कुमार ने प्रभावी कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
मामले की गंभीरता और तथ्यों को देखते हुए सीजेएम माननीय शारिब अली ने थानाध्यक्ष ताजगंज को आदेश दिया कि वे अमन रंधावा और भगवान सिंह के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करें और मामले की निष्पक्ष जांच कर आख्या प्रस्तुत करें।
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