आगरा।
हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-26 (एडीजे -26) माननीय अमरजीत की अदालत ने तीन आरोपितों को बरी कर दिया है।
अदालत ने यह फैसला इसलिए सुनाया क्योंकि वादी मुकदमा और उनकी पत्नी, जो कि मुख्य गवाह और पीड़ित भी थीं, सुनवाई के दौरान अपने पूर्व के बयानों से मुकर गए।
इसके साथ ही, अदालत ने गवाही से मुकरकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप में वादी मुकदमा प्रेम सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती हीरादेवी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही करने का भी आदेश दिया है।
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क्या था मामला ?
यह मामला 7 अप्रैल 2023 को थाना शमशाबाद के ग्राम लखुरानी पुर में दर्ज किया गया था।
वादी प्रेम सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि वह और उनकी पत्नी श्रीमती हीरादेवी अपने खेत पर काम कर रहे थे। उसी दौरान, उन्हीं के गांव के बहादुर सिंह, दारा सिंह एवं महेश हथियारों से लैस होकर आए और खेत पर लगी तार की बाड़ को तोड़ने लगे।
विरोध करने पर आरोपियों ने पति-पत्नी के साथ मारपीट की। आरोप था कि आरोपी बहादुर सिंह ने वादी की पत्नी हीरादेवी के पेट में तमंचे से गोली मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
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बरी होने का कारण:
हत्या के प्रयास के इस मामले में अभियुक्त बहादुर सिंह, दारा सिंह एवं महेश पर ट्रायल चल रहा था। मुकदमे के विचारण के दौरान, सबसे महत्वपूर्ण गवाह—यानी वादी प्रेम सिंह और घायल पत्नी श्रीमती हीरादेवी—दोनों ही अपने पूर्व के बयानों से पलट गए (होस्टाइल हो गए)।
अदालत ने गवाहों के मुकर जाने के कारण, आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश जारी किए।इस मुकदमे में आरोपितों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नरायन शर्मा एवं जय नरायन शर्मा द्वारा की गई।
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