आगरा/नई दिल्ली,
सुप्रीम कोर्ट ने सुोभाश जे.के. कुमार बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश एवं अन्य मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत रद्द करने से इंकार कर दिया।
केस के मुख्य बिंदु:
* मामला : Miscellaneous Application No. 1692/2025 in Crl.A. No. 674/2022
* याचिकाकर्ता : योगेश कुमार सोन्धी (प्रत्युत्तरदाता संख्या 2)
* विषय : जमानत रद्द करने की मांग (IA No. 185205/2025)
* पीठ : मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर

कोर्ट का निर्णय:
* अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ दर्ज नए एफआईआर और गैर-जमानती वारंट पहली नज़र में जमानत रद्द करने का आधार लग सकते हैं।
* लेकिन, मामले की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने 2022 में दी गई जमानत को रद्द करना उचित नहीं समझा।
* साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि यदि आरोपी नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में उपस्थित नहीं होता या जानबूझकर कार्यवाही में देरी करता है, तो ट्रायल कोर्ट रिपोर्ट भेजेगा और उस स्थिति में जमानत रद्द करने की याचिका स्वतः पुनर्जीवित हो जाएगी।
इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की मांग को फिलहाल खारिज कर दिया, लेकिन आरोपी को चेतावनी दी कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही में सहयोग न करने पर उसकी जमानत खतरे में पड़ सकती है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- विद्युत चोरी के मामले में साक्ष्य और गवाहों के अभाव पर अदालत ने 18 वर्ष बाद आरोपी को किया बरी, विभाग व पुलिस की लापरवाही उजागर - September 17, 2026
- केबल पर अवैध रूप से गदर फिल्म दिखाने के आरोपी को 25 वर्ष बाद मिली सजा, अदालत ने सुनाई डेढ़ वर्ष की कैद - September 17, 2026
- फ्री लुक पीरियड में पॉलिसी सरेंडर करने के बावजूद प्रीमियम हड़पने पर उपभोक्ता आयोग प्रथम सख्त,मैक्स लाइफ और एक्सिस बैंक पर हर्जाना व ब्याज आरोपित - September 17, 2026




