आगरा ।
₹10 लाख का चैक डिसऑनर होने के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी माननीय शिखा सिंह ने मैसर्स शील प्लाई होम के प्रोप्राइटर अंशु बंसल को मुकदमे के विचारण हेतु अदालत में तलब करने का आदेश दिया है। यह मामला एक पुराने व्यावसायिक ऋण से संबंधित है।
क्या है पूरा मामला ?
वादी मुकदमा विवेक गोयल (निवासी विजय श्री अपार्टमेंट, ओल्ड विजय नगर कॉलोनी) ने अपने अधिवक्ता हर्ष अग्रवाल के माध्यम से अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, आरोपित अंशु बंसल (प्रोप्राइटर, मैसर्स शील प्लाई होम, निवासी फ्री गंज) ने अपनी व्यापारिक जरूरत बताते हुए 27 दिसंबर 2017 को वादी से ₹20 लाख रुपये की बड़ी राशि उधार ली थी।
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वर्षों की टालमटोल के बाद दिया चैक:
वादी का आरोप है कि उधार लेने के बाद अंशु बंसल वर्षों तक भुगतान को टालते रहे। लंबी टालमटोल के बाद, आरोपित ने आखिरकार 27 मार्च 2025 को ₹10 लाख रुपये का एक चैक वादी को दिया।
जब यह चैक भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह डिसऑनर (बाउंस) हो गया। वादी के अधिवक्ता हर्ष अग्रवाल द्वारा अदालत में प्रस्तुत किए गए तर्कों पर विचार करने के बाद, न्यायिक दंडाधिकारी माननीय शिखा सिंह ने आरोपी प्रोप्राइटर अंशु बंसल को इस मामले में मुकदमे के विचारण हेतु अदालत में व्यक्तिगत रूप से तलब करने के आदेश जारी किए हैं।
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