आगरा।
एमजी रोड पर बीच सड़क पर स्थित मजार और दरगाह को हटाने की मांग को लेकर दायर वाद पर सोमवार को सुनवाई टल गई।
अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन न्यायालय में न्यायाधीश माननीय श्वेत्शा चंद्रा के अवकाश पर होने के कारण मामले की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
अब इस प्रकरण में सुनवाई के लिए न्यायालय ने 21 जुलाई 2026 की तिथि नियत की है।
यह मामला योगी यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर द्वारा अपने अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर के माध्यम से दायर किया गया है।
वादी ने 10 अप्रैल को न्यायालय में वाद प्रस्तुत कर सार्वजनिक मार्ग पर बने इन धार्मिक स्थलों को हटाने की मांग की थी। इस मामले में जिलाधिकारी आगरा, नगर आयुक्त नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता को प्रतिवादी बनाया गया है।
प्रकरण के अनुसार, वादी ने पूर्व में 19 जनवरी 2026 को धारा 80 सीपीसी के तहत संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।

नोटिस की अवधि समाप्त होने और प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर वादी ने न्यायालय की शरण ली। वादी का तर्क है कि ये निर्माण सरकारी भूमि पर हैं और इनसे यातायात बाधित होने के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं।
वाद में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के उन आदेशों का भी हवाला दिया गया है जिनमें सार्वजनिक स्थानों और सरकारी भूमि पर बने धार्मिक स्थलों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही, कुंवर अजय तोमर द्वारा शहर के अन्य क्षेत्रों जैसे टेढ़ी बगिया, ताज नगरी, पालीवाल पार्क और सिकंदरा हाईवे किनारे स्थित लगभग 27 मस्जिदों और मजारों के संबंध में भी प्रशासन को नोटिस भेजकर विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल सभी की नजरें 21 जुलाई को होने वाली न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।
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