राष्ट्रीय लोक अदालत में आगरा ने एक ही दिन में पांच लाख से अधिक मुकदमों का किया रिकॉर्ड निस्तारण

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक द्वारा दीप प्रज्वलन कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया गया।

इस अवसर पर न्यायिक गरिमा को बनाए रखते हुए विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय माननीय श्रीमती तृप्ता चौधरी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या-01) माननीय पुष्कर उपाध्याय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी न्यायालय संख्या-02) माननीय शिव कुमार द्वितीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या-04) माननीय पवन कुमार श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी व अपर जिला जज (न्यायालय संख्या-26) माननीय अमरजीत, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय शारिब अली तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (पूर्णकालिक) माननीय पंकज कुमार-प्रथम मुख्य रूप से सम्मिलित रहे।

न्यायिक निस्तारण के प्रमुख आंकड़े:

लोक अदालत के दौरान विभिन्न पीठों द्वारा त्वरित न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया:

* जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक एवं अन्य समस्त अपर जनपद न्यायाधीशगणों द्वारा कुल 838 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 8,71,900/- रुपये की जुर्माना राशि अधिरोपित की गई।

* पारिवारिक विवादों के समाधान हेतु माननीय श्रीमती तृप्ता चौधरी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय एवं अतिरिक्त परिवार न्यायालयों द्वारा 58 वादों का निस्तारण कर पक्षों के बीच सुलह कराई गई।

* दुर्घटना दावों के मामलों में माननीय नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 71 वादों का निस्तारण किया गया। इसके माध्यम से पीड़ित पक्षों को 9,03,40,807/- रुपये की बड़ी प्रतिपूर्ति राशि प्रदान की गई।

* मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे), सिविल जज एवं अन्य न्यायालयों द्वारा कुल 8,142 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 1,35,34,070/- रुपये का अर्थदंड वसूला गया।

व्यापक स्तर पर समाधान:

लोक अदालत का विस्तार केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तहसील, ब्लॉक स्तर और पुलिस आयुक्त कार्यालयों तक इसकी पहुंच रही।

वर्चुअल न्यायालय के माध्यम से सर्वाधिक 1,45,275 मोटर वाहन चालानों का निस्तारण हुआ। इसके साथ ही उपभोक्ता प्रतितोष आयोग, स्थायी लोक अदालत और कॉमर्शियल कोर्ट के माध्यम से भी 17 वादों का निस्तारण कर 11,03,214/- रुपये की धनराशि अधिरोपित की गई।

बैंक ऋण और प्री-लिटिगेशन मामलों में भी उल्लेखनीय सफलता मिली। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक और ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त सहित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के 979 वादों में 9,04,35,000/- रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी।

जनसुविधा एवं भोजन व्यवस्था:

न्यायालय परिसर में वादकारियों की सहायता के लिए जगह-जगह पूछताछ केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां नामित अधिवक्ता और पराविधिक स्वयंसेवक मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहे।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाई गई चिकित्सीय हेल्प डेस्क पर पक्षकारों का निःशुल्क चेकअप किया गया। दीवानी अन्न सेवा द्वारा निशुल्क भोजन का स्टॉल लगाया गया ।

पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई इस लोक अदालत में जनपद आगरा के अंतर्गत कुल 5,50,051 वादों का सफल निस्तारण किया गया।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *