आगरा:
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (द्वितीय) ने बीमा क्लेम खारिज करने के एक मामले में चोला मंडलम एम.एस. जनरल इंश्योरेंस कंपनी की सेवा में कमी पाते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
आयोग के अध्यक्ष माननीय आशुतोष एवं सदस्य पारुल कौशिक ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह वादी को क्लेम की राशि के रूप में ₹9,49,999/- का भुगतान करे।
मामले की पृष्ठभूमि:
सदर भट्टी, थाना मंटोला निवासी मो. इदरीश ने अपने अधिवक्ता जल सिंह परिहार के माध्यम से आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
वादी ने 19 दिसंबर 2021 को अपनी कार का बीमा विपक्षी कंपनी से कराया था।
दुर्घटना का विवरण:
* दिनांक: 4 जून 2022
* स्थान: दिल्ली-आगरा मार्ग (थाना टप्पल, अलीगढ़ क्षेत्र)
* घटना: वादी की कार को पीछे से आ रही एक अन्य कार (चालक उमेश पाण्डेय) ने लापरवाही से टक्कर मार दी थी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
* कार्रवाई: वादी ने थाना टप्पल में सूचना दी और कार को क्रेन के माध्यम से सर्विस सेंटर (शाहदरा) भिजवाया।

कंपनी ने खारिज किया था क्लेम:
वादी ने बीमा कंपनी के कार्यालय में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए क्लेम के लिए आवेदन किया था।
हालांकि, बीमा कंपनी ने तकनीकी आधारों का हवाला देते हुए क्लेम को निरस्त (Reject) कर दिया। इसके बाद वादी ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली।
न्यायालय का निर्णय:
दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद, जिला उपभोक्ता आयोग (द्वितीय) ने माना कि बीमा कंपनी द्वारा क्लेम खारिज करना अनुचित था।
आयोग ने निम्नलिखित आदेश पारित किए:
* क्लेम राशि: विपक्षी कंपनी वादी को ₹9,49,999/- अदा करे।
* मानसिक कष्ट एवं वाद व्यय: सेवा में कमी के कारण हुए मानसिक उत्पीड़न और कानूनी खर्च के रूप में ₹10,000/- अतिरिक्त देने होंगे।
यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए एक मिसाल है जिन्हें बीमा कंपनियां जायज क्लेम के लिए परेशान करती हैं।
उपभोक्ता फोरम ने स्पष्ट किया है कि बीमा अनुबंध की शर्तों का पालन करना कंपनियों की जिम्मेदारी है।
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