आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम), आगरा ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन और उसके विक्रेता के विरुद्ध सेवा में कमी (Deficiency in Service) पाते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।
आयोग ने आदेश दिया है कि विपक्षीगण या तो उपभोक्ता को नया वाटर प्यूरीफायर प्रदान करें या ब्याज सहित उसकी पूरी कीमत वापस करें।
क्या था मामला ?
आगरा के डिफेंस एस्टेट निवासी श्याम सिंह ने 3 मार्च 2024 को अमेजन के माध्यम से ‘टेस्ला पावर यू.एस.ए. अल्कालीनो RO वाटर प्यूरीफायर’ 34,000/- रुपये में खरीदा था।
एक वर्ष की वारंटी के बावजूद, मशीन अक्टूबर 2024 में ही खराब हो गई। उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने पर तकनीशियन भेजा गया, लेकिन वह मशीन की तकनीकी खामियों (TDS और तापमान संबंधी त्रुटियां) को ठीक नहीं कर सका।
बार-बार रिमाइंडर और विधिक नोटिस भेजने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो पीड़ित ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली।
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विपक्षियों का तर्क:
विक्रेता (नेशनल ट्रेडर्स): इनका तर्क था कि वे केवल आपूर्ति के लिए जिम्मेदार हैं और विनिर्माण दोष के लिए निर्माता कंपनी उत्तरदायी है।
अमेजन (ASSPL): अमेजन ने तर्क दिया कि वे केवल एक ‘ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस/मध्यस्थ’ हैं और उत्पाद की खराबी या वारंटी के लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती।
आयोग का ऐतिहासिक निर्णय:
माननीय अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने विपक्षियों के तर्कों को खारिज करते हुए निम्नलिखित बिंदु स्पष्ट किए:
ई-कॉमर्स की जवाबदेही: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और ई-कॉमर्स नियम 2020 के तहत, ऑनलाइन मार्केटप्लेस भी खराब उत्पाद के लिए उत्तरदायी है।
विक्रेता का उत्तरदायित्व: धारा 86 के अंतर्गत उत्पाद विक्रेता का दायित्व खराब उत्पाद के प्रति निर्धारित है।
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निर्माता को पक्षकार न बनाना: आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि निर्माता कंपनी को पक्षकार नहीं बनाया गया है, तो भी केवल इस आधार पर उपभोक्ता का परिवाद खारिज नहीं किया जा सकता।
आयोग द्वारा पारित आदेश:
आयोग ने विपक्षीगण (अमेजन और विक्रेता) को संयुक्त रूप से आदेशित किया है कि:
1. नया उत्पाद या धन वापसी: निर्णय के 45 दिनों के भीतर नया वाटर प्यूरीफायर दें, अन्यथा विकल्प के रूप में 34,000/- रुपये की राशि खरीद की तारीख (03.03.2024) से 6% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वापस करें।
2. क्षतिपूर्ति: मानसिक पीड़ा के लिए 10,000/- रुपये का जुर्माना।
3. वाद व्यय: कानूनी कार्यवाही के खर्च के रूप में 5,000/- रुपये का भुगतान करें।
विशेष टिप्पणी: यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो ब्याज की दर 6% से बढ़ाकर 9% वार्षिक कर दी जाएगी।
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