आगरा में एक प्रतिष्ठित डॉक्टर द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन में लापरवाही के मामले में आगरा उपभोक्ता अदालत प्रथम का फैसला राष्ट्रीय उपभोक्ता अदालत में भी रहा कायम, मुआवजे का हुआ भुगतान

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आगरा।

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम, आगरा ने चिकित्सा में लापरवाही के एक पुराने मामले में परिवादी के पक्ष में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।

यह मामला वर्ष 2003 का है, जिसमें परिवादी जोगिंदर सिंह (अब मृतक) ने डॉ. अशोक पचौरी और लेजर साइट (इंडिया) प्रा. लि. के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले की पृष्ठभूमि:

परिवादी जोगिंदर सिंह ने अपनी बाईं आँख के मोतियाबिंद का ऑपरेशन डॉ. अशोक पचौरी से कराया था।

ऑपरेशन के बाद आँख की रोशनी बढ़ने के बजाय कम हो गई क्योंकि ऑपरेशन के दौरान कॉर्नियल डीकंपेंसेशन और लेन्स के सही ढंग से फिट न होने जैसी गंभीर जटिलताएँ पैदा हो गई थीं।

आयोग ने साक्ष्यों के आधार पर पाया कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती और उचित सावधानी नहीं रखी।

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आयोग का निर्णय और भुगतान:

जिला उपभोक्ता आयोग ने विपक्षी को आदेश दिया था कि परिवादी को सेवा में कमी और उपचार के खर्चों के मद में 1,05,000/- रुपये की धनराशि का भुगतान किया जाए। निर्धारित अवधि में भुगतान न करने पर इस राशि पर 6% वार्षिक ब्याज भी देय था।

इस निर्णय के विरुद्ध डॉक्टर द्वारा राज्य उपभोक्ता आयोग और राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (NCDRC) में अपील की गई थी।

राष्ट्रीय आयोग ने जनवरी 2026 के अपने आदेश में डॉक्टर की याचिका को अत्यधिक देरी के आधार पर खारिज कर दिया, जिससे जिला आयोग का फैसला और मुआवजे का भुगतान अंतिम रूप से प्रभावी हो गया है।

इस आदेश के अनुपालन में, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम प्रथम, आगरा द्वारा परिवादी को भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने परिवादी स्वर्गीय जोगिंदर सिंह के पुत्र अजय पाल सिंह को 2,28,375/- रुपये की राशि का एक चेक पंजाब नेशनल बैंक दिनांक 9 अप्रैल 2026 को सौंपा गया ।

इस धनराशि में मूल डिक्रीटल धनराशि और उस पर लगा ब्याज शामिल है।

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विवेक कुमार जैन
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