आगरा २२ मई ।
चेक डिसऑनर (चेक बाउंस) होने के एक मामले में कोर्ट ने आरोपी बाल किशोर पुत्र श्याम लाल निवासी ग्राम अभुआ पुरा, तहसील किरावली, अछनेरा, जिला आगरा को दोषी ठहराते हुए एक साल कैद और ₹3 लाख 90 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह फैसला एसीजेएम 10 माननीय मो. साजिद की अदालत ने सुनाया।
अदालत ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की कुल राशि में से ₹3 लाख 80 हजार बतौर क्षतिपूर्ति वादी मुकदमा को दिए जाएंगे, जबकि शेष ₹10 हजार राज्य सरकार के कोष में जमा होंगे।
क्या था मामला ?
वादी मुकदमा नीरज सोलंकी पुत्र मोहन सिंह सोलंकी निवासी दोरेठा नंबर 1, थाना शाहगंज, जिला आगरा ने अदालत में याचिका दायर की थी। नीरज सोलंकी के अनुसार, आरोपी बाल किशोर के साथ उनके काफी घनिष्ठ संबंध थे। बाल किशोर ने 12 अक्टूबर, 2021 को अत्यंत आवश्यकता बताते हुए नीरज से ₹3 लाख उधार लिए थे और तीन महीने में वापस करने का वादा किया था।
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निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद जब नीरज ने तगादा किया, तो आरोपी ने 17 जनवरी, 2022 को ₹3 लाख का चेक दिया। हालांकि, जब यह चेक भुगतान के लिए बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो वह डिसऑनर हो गया।
एसीजेएम 10 माननीय मो. साजिद ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और वादी के अधिवक्ता प्रवेश सोलंकी तथा सोनू राजपूत के तर्कों पर गौर करते हुए आरोपी को दोषी पाया।
कोर्ट ने उसे एक वर्ष की कैद और ₹3 लाख 90 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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