आगरा २२ मई ।
आगरा के जिला न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और अपशब्द कहने के मामले में आरोपी विनोद तिवारी की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है।
आरोपी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता विश्वदीप धारिया और मोहम्मद असलम ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना का कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं है और आरोपी को घटनास्थल से गिरफ्तार नहीं किया गया था।
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यह मामला 13 दिसंबर, 2022 का है, जब पुलिस को शमसाबाद रोड पर मधुनगर के सामने एक दुर्घटना की सूचना मिली थी। मौके पर उत्तेजित भीड़ ने एक ट्रक में आग लगा दी थी।
जब पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा, तो भीड़ द्वारा फायर ब्रिगेड की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और कर्मचारियों को चोटें आईं। इस घटना के संबंध में वादी की तहरीर पर थाना सदर में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विनोद तिवारी को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी।
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