आगरा।
नाबालिग बच्ची को विवस्त्र करने और हमले के आरोप में जेल में बंद आरोपी तुलाराम को अदालत से बड़ी राहत मिली है।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) माननीय कुंदन किशोर ने आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए उसे जेल से रिहा करने के आदेश दिए हैं।
क्या था मामला ?
यह घटना थाना एकता क्षेत्र के अंतर्गत 23 अक्टूबर 2025 की है। वादी (बच्ची के पिता) ने आरोप लगाया था कि जब वह रात को ऑफिस से घर लौटे, तो उन्होंने पड़ोस के रहने वाले तुलाराम को अपनी 3 वर्षीय पुत्री के साथ खेलते हुए देखा था।
आरोप:
काफी देर तक बच्ची के घर न लौटने पर जब उसकी तलाश की गई, तो वह आरोपी के प्लॉट में संदिग्ध अवस्था में मिली। वादी का आरोप था कि बच्ची के कपड़े उतरे हुए थे और उसके सिर व होंठ पर चोट के निशान थे।
गिरफ्तारी:
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 अक्टूबर 2025 को आरोपी तुलाराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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इन आधारों पर मिली जमानत:
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता तेजेंद्र राजपूत और विजेंद्र सिंह ने दलीलें पेश कीं। अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं को मुख्य
आधार बनाया:
मेडिकल साक्ष्य का अभाव:
अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता का कोई ठोस मेडिकल परीक्षण (Medical Examination) रिकॉर्ड पर पेश नहीं किया जा सका, जो आरोपों की पुष्टि कर सके।
लंबे समय से निरुद्ध:
आरोपी अक्टूबर माह से ही जिला कारागार में बंद था।
दलीलों का प्रभाव:
बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को और अधिक समय तक जेल में रखना उचित नहीं है।
न्यायालय का आदेश:
विशेष न्यायाधीश माननीय कुंदन किशोर ने पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद तुलाराम के जमानत प्रार्थना पत्र को मंजूर कर लिया और उसे कारागार से रिहा करने के आदेश जारी किए।
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