आगरा/प्रयागराज।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से जुड़े एक अहम मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है।
यह मामला यूपी सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किए जाने को चुनौती देने से संबंधित है।
जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की सिंगल बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई।
अदालत ने सुनवाई को टालते हुए स्पष्ट किया कि इसी मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक डबल बेंच द्वारा की जा रही है।
कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में, इस स्तर पर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में इस प्रकरण पर सुनवाई करना संभव नहीं है।

इस मामले में बलिया की राज कुमारी देवी और सहारनपुर के अरविंद राठौर की तरफ से अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें यूपी सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी। अदालत ने इन दोनों याचिकाओं को एक साथ कनेक्ट कर दिया है।
गौरतलब है कि पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करना डिवीजन बेंच के आदेश का सीधा उल्लंघन है, जो कि अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है।
चूंकि मामला अब लखनऊ में डबल बेंच के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए सिंगल बेंच ने फिलहाल इस पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है।
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