आगरा/प्रयागराज।
आगरा स्थित ताजमहल परिसर के ‘भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय’ मंदिर होने के दावे से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
इस प्रकरण पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से जवाब तलब किया है।
यह अहम सुनवाई जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और एएसआई को निर्देश दिया है कि वे इस संबंध में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करें।

इसके साथ ही, अदालत की ओर से इस मामले के चौथे प्रतिवादी को भी नोटिस जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई इस याचिका में मुख्य रूप से यह मांग की गई है कि एक एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति की जाए और उनके माध्यम से पूरे ताजमहल परिसर का विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए।
इसी सर्वेक्षण की मांग और तेजो महालय के दावे को लेकर न्यायालय ने संबंधित पक्षों से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।
अब इस मामले की दिशा केंद्र सरकार और एएसआई द्वारा न्यायालय में पेश किए जाने वाले जवाब पर निर्भर करेगी।
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