आगरा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली की अदालत ने न्यायालय में एक वाहन के जब्तीकरण मामले में गलत और भ्रामक रिपोर्ट पेश किए जाने को बेहद गंभीरता से लिया है।
अदालत ने सदर बाजार थाने के उप निरीक्षक रिकी पूनिया की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने सदर बाजार के थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
प्राप्त जानकारी और न्यायालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, यह मामला एक ऑटो रिक्शा को सीज करने से संबंधित है।
अदालत ने बताया है कि सदर बाजार थाने के उप निरीक्षक रिकी पूनिया द्वारा 4 जुलाई 2026 को एक ऑटो रिक्शा, जिसका नंबर यूपी 80 डीटी 5190 (चेचिस नंबर MD2A27AY9HWE47198, इंजन नंबर A2YW81419) है, को सीज किया गया था।
चालान के बाद इस ऑटो को चौकी सौदागर लाइन, थाना सदर बाजार पर खड़ा किया गया था।
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इस कार्रवाई के बाद जब वाहन चालक ने अपने ऑटो को छुड़ाने के लिए न्यायालय में रिलीज प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, तो उप निरीक्षक रिकी पूनिया ने 6 जुलाई 2026 को न्यायालय में अपनी आख्या (रिपोर्ट) पेश की।
इस रिपोर्ट में दरोगा ने एक अजीबोगरीब कथन प्रस्तुत करते हुए लिखा कि उपरोक्त वाहन संख्या यूपी 80 डीटी 5290 को यूपी 80 डीटी 5190 समझा जाए।
सीजेएम न्यायालय ने दरोगा की इस रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत और भ्रामक माना है। अदालत ने 10 जुलाई 2026 को थानाध्यक्ष थाना सदर बाजार को एक औपचारिक नोटिस जारी किया है।
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इस नोटिस में अदालत ने पूछा है कि उनके अधीनस्थ उप निरीक्षक द्वारा न्यायालय को गलत व भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई है, तो क्यों न उक्त उप निरीक्षक के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए।
इस मामले में अदालत ने थानाध्यक्ष सदर बाजार को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह 13 जुलाई 2026 को दोपहर 12:00 बजे न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों और इस पूरे प्रकरण पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
न्यायालय के इस सख्त रुख के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।वादी की तरफ़ से पैरवी चौधरी समीर एडवोकेट सिविल कोर्ट आगरा द्वारा की गई ।
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