आगरा।
धोखाधड़ी, कूटरचना और संपत्ति हड़पने के आरोप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली की अदालत ने थाना छत्ता पुलिस को एक पिता-पुत्र (वादी के भाई और भतीजे) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
वादी का आरोप है कि उसके पिता द्वारा पूर्व में उसके पक्ष में किए गए दान पत्र के तथ्यों को छिपाकर आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्हीं दुकानों का दोबारा दान पत्र अपने नाम करवा लिया।
न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत मामले के अनुसार, वादी विवेक बंसल पुत्र राज नारायण बंसल, निवासी कोयला वाली बस्ती, जीवनी मंडी (थाना छत्ता, जिला आगरा) ने अपने सगे भाई श्याम बिहारी बंसल और भतीजे सानुज बंसल के खिलाफ अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था।
वादी ने बताया कि उसके पिता राज नारायण बंसल ने अपने स्वामित्व की तीन दुकानों का विधिवत पंजीकृत दान पत्र 4 फरवरी 2025 को रजिस्ट्रार कार्यालय में वादी (विवेक बंसल) के पक्ष में किया था।
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आरोप है कि इस पूरी कार्यवाही की जानकारी होने के बावजूद, वादी के भाई श्याम बिहारी बंसल और भतीजे सानुज बंसल ने साजिश रची।
उन्होंने वादी के पिता को बहला-फुसलाकर और वास्तविक तथ्यों को छिपाकर, उन्हीं तीन दुकानों का एक और दान पत्र 29 अप्रैल 2026 को सानुज बंसल के पक्ष में लिखवा लिया।
अदालत को बताया गया कि इस नए दान पत्र में दुकानों की चौहद्दी और अन्य विवरण कूटरचित तरीके से अंकित किए गए हैं। इसके साथ ही, पंजीकरण के समय पिता का मोबाइल नंबर भी गलत दर्ज कराया गया ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके।
वादी का कहना है कि 11 मई 2026 को उसके भाई और भतीजे ने उस पर संपत्ति खाली करने का दबाव बनाया।
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जब वादी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उसे जान से मारने की धमकी दी।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान वादी की ओर से अधिवक्ता अमन चौधरी ने कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
सीजेएम माननीय शारिब अली ने वादी के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने और मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष छत्ता को विपक्षी पिता-पुत्र (श्याम बिहारी बंसल और सानुज बंसल) के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की विस्तृत विवेचना करने के आदेश दिए हैं।
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