इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: थाने में अंधेरा होना हैरान करने वाला, एसपी देवरिया से मांगा हलफनामा

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आगरा/प्रयागराज।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया जिले के भलुअनी थाने में बिजली गुल होने और जेनरेटर खराब होने के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है।

कोर्ट ने एक थाने जैसी संवेदनशील जगह के अंधेरे में रहने को हैरान करने वाला बताते हुए देवरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से जवाब तलब किया है।

कोर्ट ने एसपी को इस मामले में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने नगेंद्र कुमार यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे 3 अप्रैल 2026 को भलुअनी थाने के लॉकअप में अवैध रूप से बंद करके रखा गया था।

इस मामले की सच्चाई जानने के लिए जब कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज की बात सामने आई, तो थाने के एसएचओ ने बचाव करते हुए दलील दी कि उस समय थाने में बिजली नहीं थी, इसलिए सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं की जा सकी।

एसएचओ की इस दलील पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि थाने को बिना बिजली के अंधेरे में रखा गया और सरकार द्वारा दिया गया जेनरेटर भी ठीक से काम नहीं कर रहा है।

खंडपीठ ने एसपी देवरिया से सवाल किया है कि थाने का जेन-सेट काम क्यों नहीं कर रहा था और पावर कॉर्पोरेशन की सप्लाई न होने की स्थिति में बिजली व्यवस्था सुचारू रखने के लिए उसे ठीक करने की कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

सीसीटीवी फुटेज न दिए जाने और थाने में बिजली की इस घोर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कोर्ट ने जहां एसपी देवरिया को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने को कहा है, वहीं थाने के एसएचओ को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश भी दिया है।

इस मामले की अगली सुनवाई अब 28 जुलाई को होगी।

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मनीष वर्मा
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