आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग- प्रथम, आगरा ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मैसर्स एस० एन० शीतगृह प्रा० लि० के संचालक को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है।
आयोग ने शीतगृह को परिवादी देवेन्द्र कुमार शर्मा के भण्डारित आलू की बिक्री से प्राप्त 1,56,000/- रुपये की धनराशि मय ब्याज लौटाने का आदेश दिया है।
परिवादी देवेन्द्र कुमार शर्मा, जो मथुरा के कैलाश नगर के निवासी हैं, ने 14 मार्च 2022 को आगरा-फिरोजाबाद रोड स्थित एस० एन० शीतगृह में 260 पैकेट आलू भण्डारित किये थे।
परिवादी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच 950/- रुपये प्रति पैकेट की दर से आलू बेचने पर सहमति बनी थी। प्रतिपक्षी ने अक्टूबर 2022 में धनतेरस के आस-पास आलू बेच दिया और एक माह के भीतर धनराशि परिवादी के बैंक खाते में भेजने की सूचना दी, लेकिन कोई भुगतान नहीं किया गया।
कई बार नोटिस भेजने के बावजूद जब शीतगृह की ओर से कोई जवाब नहीं आया और न ही आयोग के समक्ष कोई उपस्थित हुआ, तो आयोग ने एकपक्षीय कार्यवाही का निर्णय लिया।
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आयोग ने अपने निष्कर्ष में पाया कि 260 पैकेट (130 कुन्तल) आलू का अक्टूबर 2022 की आगरा मण्डी की न्यूनतम दर 1450/- रुपये प्रति कुन्तल के हिसाब से कुल बिक्री मूल्य 1,88,500/- रुपये बनता है। इसमें से 250/- रुपये प्रति कुन्तल की दर से 32,500/- रुपये भण्डारण भाड़ा काटने के बाद शेष 1,56,000/- रुपये की राशि प्राप्त करने का परिवादी अधिकारी है।
आयोग ने प्रतिपक्षी कोल्ड स्टोरेज को आदेशित किया है कि वह यह धनराशि 05 जुलाई 2023 से 06 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ परिवादी को 45 दिन के भीतर अदा करे।
इसके अतिरिक्त, मानसिक पीड़ा के लिए 10,000/- रुपये और वाद-व्यय के रूप में 5,000/- रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है।
फैसले में यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि प्रतिपक्षी 45 दिन के भीतर इस आदेश का पालन करने में विफल रहता है, तो उसे 6 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज की दर से सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान करना होगा।
यह निर्णय आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह द्वारा 04 जुलाई 2026 को सुनाया गया है।
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