फैक्ट्री मालिक से मारपीट और घातक चोट पहुँचाने का था आरोप
वादी समेत सभी गवाह अदालत में मुकरे, साक्ष्य न मिलने पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
आगरा।
उत्तर प्रदेश के कद्दावर सपा नेता और पूर्व मेयर व सांसद प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर समेत पांच आरोपियों को अदालत ने बड़ी राहत दी है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) माननीय शिवानंद गुप्ता ने बलवा, गाली-गलौज और मारपीट कर घातक चोट पहुँचाने के मामले में सभी आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) करने के आदेश जारी किए हैं।
यह फैसला वादी मुकदमा और अन्य गवाहों के अपने बयानों से मुकर जाने के कारण लिया गया।
क्या था मामला ?
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला थाना जगदीशपुरा में दर्ज कराया गया था। वादी विनोद श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि 12 मार्च 2017 की सुबह करीब 11:30 बजे जब वह मीनाक्षी पैलेस स्थित अपनी फैक्ट्री पहुँच रहे थे, तब गार्ड आर.एस. यादव ने उन्हें बताया कि आरोपी महाराज सिंह धनगर, जवाहर सिंह, राजेश, अजय और भोलू ने फैक्ट्री में तोड़फोड़ की है।
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विरोध करने पर आरोपियों ने वादी और उनके भाई राकेश श्रीवास्तव के साथ गाली-गलौज और मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बीच-बचाव करने आए सुनील, अशोक और पारस के साथ भी मारपीट की गई थी।
पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट:
जगदीशपुरा पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद सपा नेता महाराज सिंह धनगर, जवाहर सिंह, राजेश, अजय और भोलू के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) प्रेषित किया था।
गवाहों के मुकरने से टूटा केस:
सुनवाई के दौरान वादी विनोद कुमार, उनके भाई राकेश श्रीवास्तव, अशोक कुमार और चांद को गवाही के लिए अदालत में पेश किया गया।
हालांकि, कोर्ट में वादी सहित सभी मुख्य गवाह अपने पूर्व के आरोपों से मुकर गए और अभियोजन पक्ष के दावे का समर्थन नहीं किया।
आरोपियों के अधिवक्ता योगेश लवानियां और पंकज कुमार सिंह ने तर्क दिया कि जब गवाहों ने घटना की पुष्टि ही नहीं की है, तो उनके मुवक्किलों को सजा देने का कोई आधार नहीं बनता।
अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और बचाव पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए महाराज सिंह धनगर सहित सभी पांचों आरोपियों को बाइज्जत बरी करने का आदेश दिया।
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