आगरा।
जिला जज आगरा ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपी सास और ससुर की अग्रिम जमानत याचिका को अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है।
थाना सदर में दर्ज इस मामले में आरोपियों पर अपनी बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और उसकी हत्या करने का संगीन आरोप है।
शादी के कुछ ही समय बाद शुरू हुआ उत्पीड़न:
मलपुरा क्षेत्र के बमरौली अहीर निवासी श्रीमती कृष्णा देवी (सास) और कोमल सिंह (ससुर) के खिलाफ वादी हुकुम सिंह ने मामला दर्ज कराया था।
वादी के अनुसार, उनकी पुत्री अंजना का विवाह 20 अप्रैल 2024 को आरोपियों के पुत्र रोहित के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज से असंतुष्ट थे और अतिरिक्त दहेज के रूप में कार की मांग कर रहे थे।
समझौते के दो दिन बाद ही कर दी हत्या:
दर्ज मामले के अनुसार, दहेज की मांग को लेकर पूर्व में आरोपियों ने अंजना को घर से निकाल दिया था।
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17 नवंबर 2025 को आरोपी ससुरालीजन इस वादे के साथ अंजना को अपने साथ ले गए कि वे अब उसे प्रताड़ित नहीं करेंगे।
लेकिन, इसके मात्र दो दिन बाद ही 19 नवंबर 2025 को आरोपियों ने कथित तौर पर अंजना की हत्या कर दी।
अदालत का कड़ा रुख:
न्यायालय में सुनवाई के दौरान वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रकाश शर्मा एवं पुष्पेंद्र पचोरी ने प्रभावी तर्क पेश किए।
अधिवक्ताओं ने दलील दी कि मामला अत्यंत गंभीर है और आरोपियों को जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा।
जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने अभियोजन के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सास-ससुर द्वारा प्रस्तुत अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त करने के आदेश जारी किए।
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