आगरा/प्रयागराज।
ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत राज चुनाव से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिवक्ता ने न्यायालय से मोहलत मांगी, ताकि इस मामले में उनके सीनियर अधिवक्ता पेश हो सकें।
कोर्ट ने आयोग के अधिवक्ता की इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई टाल दी है। अब इस प्रकरण पर 3 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि इन याचिकाओं में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 25 मई के उस फैसले को वैधानिक चुनौती दी गई है, जिसके तहत कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया गया था।
इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच (खंडपीठ) में हुई।
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