आगरा अदालत ने वर्ष 2010 से लंबित एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गवाहों की अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाया है।
एडीजे 13 माननीय महेश चंद वर्मा की अदालत ने थानाध्यक्ष शाहगंज को कड़े निर्देश दिए हैं कि मामले से जुड़े गवाह पुलिसकर्मी चाहे किसी भी जिले में तैनात हों, उन पर समन तामील कराकर उन्हें हर हाल में अदालत में पेश किया जाए।
मामला थाना शाहगंज से जुड़ा है, जहां वर्ष 2010 में एनडीपीएस एक्ट के तहत राज्य बनाम सोनू का मुकदमा दर्ज हुआ था।
यह मुकदमा वर्तमान में एडीजे 13 की अदालत में विचाराधीन है।
इस प्रकरण में उपनिरीक्षक हर भजन सिंह, एफआईआर लेखक भगवान दास और विवेचक व उपनिरीक्षक ए. के. गुप्ता की गवाही होनी शेष है।

अदालत ने पिछली तारीख पर इन गवाहों के खिलाफ समन जारी करते हुए थानाध्यक्ष शाहगंज को इन्हें हाजिर कराने का आदेश दिया था। इसके जवाब में थाना शाहगंज में तैनात कांस्टेबिल आशीष कुमार ने अदालत में आख्या प्रस्तुत की कि उक्त गवाहों का स्थानांतरण अन्य जनपदों में हो गया है।
इस जवाब पर अदालत ने पुनः समन जारी करते हुए थानाध्यक्ष को निर्देशित किया है कि गवाहों की तैनाती किसी भी जिले में हो, उन पर समन की तामील सुनिश्चित कर उन्हें अदालत में हाजिर कराया जाए।
विशेष लोक अभियोजक पर भी कार्यवाही के आदेश इसी सुनवाई के दौरान अदालत ने विशेष लोक अभियोजक के रवैये पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
अदालत ने संज्ञान लिया कि विशेष लोक अभियोजक विगत कई तारीखों से सूचित किए जाने के बावजूद अपने क्षेत्राधिकार से संबंधित मुकदमों की पैरवी के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, एडीजे 13 ने वर्तमान विशेष लोक अभियोजक के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने तथा उनके स्थान पर किसी अन्य की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने इस आदेश की प्रति जिलाधिकारी, अभियोजन निदेशक और प्रमुख सचिव (गृह) को भी प्रेषित कर दी है ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin






1 thought on “गवाह किसी भी जिले में तैनात हों, उन्हें अदालत में हाजिर कराएं – आगरा न्यायालय ने दिया सख्त आदेश”