आगरा।
जिला न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक की अदालत ने थाना फतेहाबाद क्षेत्र के अंतर्गत भूमि विवाद में हुए प्राणघातक हमले के एक मामले में आरोपित भाई और उसके दो पुत्रों की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपितों की रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी हरिओम ने थाना फतेहाबाद में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 3 नवंबर 2024 की सुबह करीब 11 बजे उसका बड़ा भाई विनोद और उसके पुत्र (सौरभ कुमार एवं गौरव) एक विवादित भूमि की जुताई कर रहे थे।
वादी का कहना था कि जब उसने इस कार्य का विरोध किया, तो आरोपितों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

दर्ज मुकदमे के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर आरोपितों ने वादी हरिओम, उसकी पत्नी ऊषा देवी और पुत्री रोशनी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
आरोप था कि इस हमले में वादी और उसके परिजनों को प्राणघातक चोटें पहुंचाई गईं। सभी आरोपित ग्राम ककरीली बेहड़ी, थाना फतेहाबाद, जिला आगरा के निवासी हैं।
इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपितों की ओर से जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान आरोपितों के अधिवक्ता दिनेश सिंह धाकरे ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा और बचाव में कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
जिला जज की अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को विस्तार से सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों व परिस्थितियों का अवलोकन करने के उपरांत, आरोपित विनोद कुमार, सौरभ कुमार और गौरव की अग्रिम जमानत स्वीकृत कर ली।
इसके साथ ही अदालत ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपितों की रिहाई के आदेश दिए।
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