आगरा की एक अदालत ने शाहगंज इलाके के चर्चित तेजाब कांड में एक अहम और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
अदालत ने पुलिस की विवेचना पर सवाल खड़े करते हुए उस व्यक्ति को राहत दी है जिसे निर्दोष होते हुए भी 13 महीने जेल में गुजारने पड़े।
अब इस मामले में वास्तविक आरोपियों को तलब कर उनके खिलाफ नए सिरे से मुकदमा चलाने का आदेश जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी और न्यायालय के आदेश के अनुसार, यह घटना मई 2022 की है जब वादी असलम की पत्नी रेशमा, बेटी इल्मा और बेटे साहिल पर तेजाब फेंका गया था।
शुरुआत में पुलिस ने कल्लू नामक व्यक्ति के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। वादी असलम के अनुसार, घटना के समय घबराहट में पुलिस और असली आरोपियों ने मिलकर उससे बिना पढ़वाए झूठी तहरीर पर हस्ताक्षर करवा लिए थे, जिसके आधार पर निर्दोष कल्लू को फंसा दिया गया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाहों और पीड़ितों ने सच्चाई बयां की। वादी की ओर से अधिवक्ता नरेश पारस ने अदालत में धारा 319 सीआरपीसी के तहत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
उन्होंने सतत कानूनी अध्ययन और मजबूत पैरवी करते हुए न्यायालय को बताया कि तेजाब कल्लू ने नहीं, बल्कि असलम के भाइयों रिजवान और फैजान ने फेंका था।
पारिवारिक विवाद और मकान खाली कराने की रंजिश में इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था।
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अधिवक्ता नरेश पारस ने विभिन्न आदेशों के साथ वास्तविक अपराधियों को तलब करने की मांग की। दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता विजय आहूजा ने भी मामले में अपने तर्क रखे।
अपर सत्र न्यायाधीश (न्यायालय संख्या-1) माननीय पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने गवाहों के बयानों और पत्रावली का गहनता से अवलोकन किया।
गवाहों ने स्पष्ट किया कि तेजाब रिजवान और फैजान ने डाला था और विरोध करने पर चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी।
अदालत ने पाया कि साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया वास्तविक आरोपी रिजवान और फैजान ही हैं। न्यायालय ने विवेचक की कार्यप्रणाली को दरकिनार करते हुए न्यायहित में प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।
अदालत ने दोनों नए आरोपियों रिजवान और फैजान को धारा 326 ए और 506 के तहत विचारण के लिए आगामी 15 सितंबर 2026 को तलब किया है।
अब इस केस का ट्रायल नए सिरे से शुरू होगा। यह उन पीड़िताओं के लिए एक बड़ी जीत है जो न्याय की आस में कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं।
इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि वास्तविक आरोपियों को अब सजा मिल सकेगी।
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