आगरा।
10 लाख रुपये के चेक बाउंस (अनादरण) के एक मामले में सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-9 माननीय मोहित कुमार प्रसाद की अदालत ने जय जिनेंद्र शीत गृह (कोल्ड स्टोरेज) प्राइवेट लिमिटेड के संचालक को 30 जुलाई के लिए अदालत में तलब किया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह मुकदमा ग्राम मिहांवा, थाना इरादत नगर, जिला आगरा के निवासी किसान नीरज त्यागी (पुत्र मुन्ना लाल त्यागी) द्वारा अपने अधिवक्ता नीरज कुमार शर्मा के माध्यम से अदालत में दायर किया गया है।
वादी के अनुसार, उसने अक्टूबर 2024 में अपने 1500 पैकेट आलू, जिनकी कीमत लगभग 11 लाख रुपये थी, राजाखेड़ा रोड, भनपुरा, शमसाबाद स्थित जय जिनेंद्र शीत गृह में बिक्री के उद्देश्य से रखे थे।

आरोप है कि शीत गृह के संचालक दिनेश चंद जैन ने तीन महीने के भीतर आलू बेचकर वादी को उसकी धनराशि सौंपने का वादा किया था।
लेकिन, तीन माह बीत जाने के बाद जब किसान ने अपने पैसे मांगे, तो विपक्षी व्यापार में घाटे का हवाला देते हुए भुगतान को निरंतर टालता रहा।
चेक बाउंस और विधिक कार्रवाई:
वादी द्वारा अत्यधिक दबाव बनाए जाने के बाद, विपक्षी ने 16 दिसंबर 2025 को एक लाख रुपये का आंशिक भुगतान कर दिया।
Also Read – दुराचार, गर्भपात और धमकी के मामले में आरोपी बरी, अदालत ने संबंधों को माना सहमति जन्य
इसके पश्चात, शेष 10 लाख रुपये की बकाया रकम चुकाने के लिए विपक्षी ने जनवरी 2026 में किसान को पांच-पांच लाख रुपये के दो चेक दिए।
जब वादी ने भुगतान के लिए वे चेक बैंक में लगाए, तो वे डिशऑनर (बाउंस) हो गए।
इस मामले में वादी के अधिवक्ता द्वारा रखे गए तर्कों और प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों पर विचार करने के बाद, अदालत ने विपक्षी शीत गृह संचालक दिनेश चंद जैन के खिलाफ समन जारी करते हुए उन्हें 30 जुलाई को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- चेक बाउंस मामले में अदालत का फैसला: आरोपी को 3 महीने की कैद और 2 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना - July 3, 2026
- 10 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में कोल्ड स्टोरेज संचालक अदालत में तलब - July 3, 2026
- ना फ्लैट दिया ना लौटाई रकम: आगरा उपभोक्ता फोरम द्वितीय ने बिल्डर को 47.25 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का दिया आदेश - July 3, 2026





1 thought on “10 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में कोल्ड स्टोरेज संचालक अदालत में तलब”