आगरा ।
पुलिस महानिदेशक और पुलिस उपमहानिरीक्षक, उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ), लखनऊ के निर्देश व मार्गदर्शन में, डॉ. एम. पी. सिंह (सेनानायक, 05वीं वाहिनी वि.सु.बल सहारनपुर) की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को आगरा जनपदीय न्यायालय और आगरा मेट्रो का भ्रमण एवं समीक्षा की।
इस समिति का मुख्य उद्देश्य माननीय जनपदीय न्यायालयों और मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण ड्यूटी स्थलों पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए जनशक्ति का मानकीकरण करना तथा वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों व सुरक्षा व्यवस्था का सटीक आकलन करना था।
निरीक्षण के दौरान समिति ने आगरा मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों पर तैनात यूपीएसएसएफ कर्मियों से सुरक्षा उपकरणों के संचालन और शस्त्रों के प्रयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके अलावा, आगरा मेट्रो की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) और प्रतिबंधित वस्तुओं के नियमों की भी गहन समीक्षा की गई।

इसके पश्चात, समिति ने मेट्रो डिपो स्थित पुलिस कंट्रोल रूम (ओसीसी) का दौरा किया, जहां नियुक्त एसएसएफ कर्मियों से वीडियो सर्विलांस प्रणाली और उन्हें सौंपे गए ड्यूटी संबंधी समस्त कार्यों की जानकारी ली गई।
मेट्रो परिसर के निरीक्षण के उपरांत, समिति ने आगरा न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान न्यायालय के सभी प्रवेश द्वारों पर चेकिंग व फ्रिस्किंग प्रक्रिया, वाहन पार्किंग, और सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया।
साथ ही, ड्यूटीरत जवानों के व्यवस्थापन, उनकी आवासीय व्यवस्था, और वहां उपलब्ध शस्त्रों व सुरक्षा उपकरणों की भी विस्तृत जांच की गई।

आगरा न्यायालय की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ व अभेद्य बनाने के उद्देश्य से, समिति ने न्यायालय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष एवं एडीजे-01 माननीय पुष्कर उपाध्याय के साथ एक विशेष गोष्ठी आयोजित कर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया।
इस संपूर्ण भ्रमण और निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सहायक सेनानायक धर्मेन्द्र सिंह, राजीव यादव, आगरा मेट्रो प्रभारी सुशान्त गौर, न्यायालय सुरक्षा प्रभारी मुकेश यादव, निरीक्षक प्रमेन्द्र कुमार, निरीक्षक प्रवीन कुशवाह, निरीक्षक सौरभ सचान और निरीक्षक गंगा सागर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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