आगरा।
अतिरिक्त न्यायालय संख्या 2 के पीठासीन अधिकारी ने चेक बाउंस (अनादरण) के एक मामले में सुनवाई करते हुए सुलह-समझौते के आधार पर अभियुक्ता को बरी कर दिया है।
वादी को 14 लाख 50 हजार रुपये की बकाया धनराशि चुकाए जाने के बाद न्यायालय ने यह आदेश पारित किया।
मामले के विवरण के अनुसार, न्यू आगरा थाना क्षेत्र के ब्रज विहार कॉलोनी, खंदारी की रहने वाली अभियुक्ता श्रीमती विमलेश दीक्षित (पत्नी मुरारी लाल दीक्षित) प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करती हैं।
वादी और अभियुक्ता के बीच पारिवारिक संबंध थे, जिसके चलते अभियुक्ता ने प्लॉट खरीदने के लिए 10 मई 2014 को वादी से 20 लाख रुपये का ऋण लिया था।
इस धनराशि को पांच साल बाद लौटाने का वादा करते हुए उन्होंने वादी को 3 अगस्त 2019 की तारीख का एक पोस्ट-डेटेड चेक बतौर गारंटी दिया था।

समय आने पर जब वादी ने वह चेक बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह डिसऑनर (बाउंस) हो गया। इसके बाद वादी ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। मुकदमे के दौरान अभियुक्ता ने वादी को आंशिक रकम का भुगतान किया, लेकिन शेष राशि रोक ली थी।
विधिक प्रक्रिया के दौरान अंततः दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा हो गया। इस समझौते के तहत अभियुक्ता ने वादी को शेष 14 लाख 50 हजार रुपये की राशि का पूर्ण भुगतान कर दिया।
वादी को उसकी रकम प्राप्त हो जाने और अदालत में पेश किए गए राजीनामे के आधार पर पीठासीन अधिकारी ने अभियुक्ता को इस मामले से दोषमुक्त कर दिया है।
न्यायालय में इस प्रकरण की कानूनी पैरवी अधिवक्ता नगेंद्र सिंह कुशवाह और गुफरान अंसारी द्वारा की गई।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- कुल्हाड़ी से गर्दन काट हत्या के आरोप में पांच बरी, अदालत ने कहा संदेह सबूत का स्थान नहीं ले सकता - September 23, 2026
- चेक बाउंस प्रकरण में 14.50 लाख रुपये अदा करने पर अदालत ने अभियुक्ता को किया दोषमुक्त - September 23, 2026
- आगरा उपभोक्ता फोरम प्रथम का अहम फैसला: कानूनी प्रक्रिया में हुई देरी के कारण बीमा दावा खारिज करना सेवा में कमी - September 22, 2026





1 thought on “चेक बाउंस प्रकरण में 14.50 लाख रुपये अदा करने पर अदालत ने अभियुक्ता को किया दोषमुक्त”