आगरा/प्रयागराज 09 नवंबर ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग में दाखिल याचिका खारिज होने के बाद सोसाइटी के नाम उसी के समान जनहित याचिका दाखिल करने को प्रक्रिया का दुरूपयोग करार दिया है और याची सोसाइटी की जनहित याचिका 25 हजार रुपए हर्जाने के साथ खारिज कर दी है।
हर्जाना राशि चार हफ्ते में महानिबंधक कार्यालय में जमा न करने की दशा में वसूली कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने संपूर्ण जन कल्याण समिति की जनहित याचिका पर दिया है।
सरकार की तरफ से आपत्ति की गई कि इससे पहले भी ऐसी ही याचिका अनिल भाटी ने दाखिल की थी। जो खारिज हो गई तो सोसाइटी के नाम पर यह जनहित याचिका दायर की गई।

अनिल भाटी का भाई लालजी भाटी याची सोसाइटी का सदस्य है। जिसपर विपक्षी गण का अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है, वह जमीन निजी संपत्ति है। याचिका की पोषणीयता पर भी आपत्ति की गई।
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