आगरा:
एडीजे द्वितीय की अदालत ने चुनावी रंजिश के चलते दलित परिवार पर हमला करने, फायरिंग कर घायल करने और घरों को आग के हवाले करने के मामले में अपना फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने आरोपी भोला को हत्या के प्रयास और दलित उत्पीड़न सहित अन्य गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
प्रकरण थाना मलपुरा के ग्राम डावली का है। वादी मुकदमा करकल्ली जाटव द्वारा दर्ज कराए गए मामले के अनुसार, 29 अप्रैल 2008 को प्रधानी चुनाव की रंजिश के कारण आरोपी भोला, प्रेम सिंह, भूपेंद्र, बंटू, बाबू बघेल और दर्शन सिंह ने उनके परिवार पर हमला बोला था।
आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें वादी पक्ष के कई लोग घायल हो गए। इसके बाद आरोपियों ने वादी के घरों में आग लगा दी, जिससे घरेलू सामान और पशु जलकर राख हो गए। इस भीषण अग्निकांड में राजो देवी नामक महिला भी गंभीर रूप से झुलस गई थीं।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एसपीओ मृत्युंजय सिंह ने गवाहों के बयान और घायलों की मेडिकल रिपोर्ट पेश करते हुए प्रभावी पैरवी की।
न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों को स्वीकार करते हुए मुख्य आरोपी भोला को जघन्य कृत्य का दोषी माना।
अदालत ने अपने आदेश में भोला पुत्र बाबू बघेल को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि साक्ष्यों के अभाव में अन्य नामजद आरोपियों प्रेम सिंह, भूपेंद्र, बंटू, बाबू बघेल और दर्शन सिंह को बरी करने के आदेश दिए।
सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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