आगरा ।
आगरा की अदालत ने मिलावटी पशु आहार (खल) बेचने और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत जेल में बंद चार आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोर्ट संख्या 7 के न्यायाधीश माननीय सुरंजन सिंह ने आरोपियों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।
यह मामला आगरा के थाना एकता क्षेत्र का है। पुलिस द्वारा दर्ज मामले के अनुसार, 18 मई 2026 को उपनिरीक्षक (एसआई) विकास कुमार, एसआई गौरव यादव, एसआई रवि शंकर और अन्य पुलिसकर्मी क्षेत्र में कानून व्यवस्था और गश्त पर थे।
इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग गोदाम में बड़े पैमाने पर मिलावटी खल तैयार कर बेच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बताए गए गोदाम पर छापा मारा, जहां मौके पर स्पेलर (खल बनाने वाली मशीन) चलता हुआ पाया गया।
पुलिस के मुताबिक, गोदाम की तलाशी लेने पर वहां से कई बोरी पत्थर का चूरा, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, खाली बोरियां और पैकिंग का सामान बरामद हुआ।
पुलिस का आरोप था कि आरोपी हरी ओम, आकाश, नरेंद्र सिंह और सूरज (सभी निवासी ग्राम लकावली, थाना एकता, आगरा) खल में पत्थर का चूरा मिलाकर नकली और हानिकारक पशु आहार तैयार करते थे, जिसे बाजार में असली बताकर मोटे मुनाफे पर बेचा जाता था।

इस मिलावटखोरी से बेजुबान पशुओं की जान को खतरा हो सकता था। पुलिस ने चारों आरोपियों को पशु क्रूरता अधिनियम व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जमानत पर सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय आहूजा, विमु आहूजा और साजिद अहमद ने अदालत में अपना पक्ष रखा।
डिफेंस काउंसिल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दलील दी कि पुलिस ने कथित बरामदगी का कोई भी स्वतंत्र या स्थानीय गवाह पेश नहीं किया है, जिससे इस कार्रवाई की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
इसके अलावा, वकीलों ने तर्क दिया कि पुलिस के पास ऐसा कोई चिकित्सकीय या वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं है, जो यह साबित कर सके कि आरोपियों द्वारा बेची गई कथित खल के सेवन से किसी पशु की मृत्यु हुई हो या कोई पशु गंभीर रूप से बीमार पड़ा हो।
अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों में बल पाया।
न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए चारों आरोपियों हरी ओम, आकाश, नरेंद्र सिंह और सूरज की जमानत याचिका मंजूर कर ली और उन्हें जेल से रिहा करने का आदेश दे दिया।
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