आगरा 18 अक्टूबर ।
जिला एवं सत्र न्यायालय, मेरठ के सभागार में संपन्न हुए उत्तर-प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं के महाअधिवेशन में जनपद आगरा से पहुँचे ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन, सिविल कोर्ट, आगरा के अध्यक्ष दुर्गविजय सिंह “भैया” एडवोकेट ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अधिवक्ता हित के मुद्दों को पुरजोर तरीके से सबके समक्ष रखा।
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उन्होंने कहा कि सर्वोच्च व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों एवं बार काउंसिल ऑफ उत्तर-प्रदेश के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी कर न्यायसंगत आदेश पारित नहीं किए हैं।
जिसके विरुद्ध अधिवक्ता समाज के हितों की सुरक्षा हेतु समस्त अधिवक्तागणों को साथ मिलकर न्यायसंगत तरीके से एकजुट होकर विरोध प्रदर्शित करना चाहिए।

साथ ही यह भी कहा कि, अधिवक्ताओं का बार काउंसिल द्वारा ग्रुप बीमा भी कराया जाना चाहिए, तथा युवा अधिवक्ताओं के लिए के जो आर्थिक सहायता के रूप में स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए वह बार के सदस्यों द्वारा प्रत्येक युवा अधिवक्ताओं को प्रदान नहीं किया जाता है, जिसकी वजह से उन सभी युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इसलिए अधिवक्ता हित में समस्त ऐसे अधिवक्ताओं को समय पर उचित आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जानी चाहिए।
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महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए तथा उच्च न्यायालय जजों की भर्ती में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए । उत्तर-प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में महिला शौचालयों की और विश्राम गृहों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
देश के विभिन्न प्रदेशों में लागू किए गए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम की तरह अविलंब उत्तर-प्रदेश में भी अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू किया जाए।
सर्वोच्च व उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता की मृत्यु पर व अधिवक्ता के साथ घटित घटना के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहने को भी न्यायिक अवमानना की श्रेणी में लाने के जो आदेश किए हैं, उन्हें भी अधिवक्ता हित में अविलंब निरस्त किये जाए।
महासम्मेलन में जनपद आगरा से वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्गविजय सिंह “भैया” जी के साथ अधिवक्ता अजय किशोर सागर “संयुक्त सचिव” ग्रेटर आगरा बार एसोसिएशन, अधिवक्ता सोनू परमार, अधिवक्ता मणी शर्मा आदि की भागीदारी रही।
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