जमानतीय अपराध में आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करना पड़ा महंगा
विवेचक के विरुद्ध कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को दिए आदेश
14 अक्टूबर 24 को लॉयर्स कॉलोनी के मोड़ पर हुई थीं दुर्घटना
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विवेचक ने नहीँ किया पालन
सात वर्ष से कम की सजा में पुलिस नहीँ कर सकती गिरफ्तारी
आगरा 18 अक्टूबर ।
जमानतीय एवं सात वर्ष से कम की सजा का अपराध होने के बावजूद दुर्घटना करनें वाले टैंकर चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड हेतु अदालत में पेश करना विवेचक को मंहगा पड़ा।
आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय अचल प्रताप सिंह ने विवेचक को कानून का पाठ पढ़ा उसके विरुद्ध कार्यवाही किए जाने के उच्चाधिकारियों को आदेश दिये।

मामले के अनुसार वादी मुकदमा लोकेश कुमार निवासी के.के .नगर की बहन कोमल को 14 अक्टूबर 24 को लॉयर्स कॉलोनी के समीप टैंकर चालक ने टक्कर मार दी थीं जिससें वादी की बहन की मृत्यू हो गयी थीं।
वादी की तहरीर पर टैंकर चालक बच्चू सिंह पुत्र धीरी सिंह निवासी ग्राम नावली थाना नोझिल, जिला मथुरा के विरुद्ध लापरवाही जनित हत्या एवं अन्य धारा (281,125ए,125बी,एवं 106(1) ) के तहत थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज हुआ था ।
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मुकदमें के विवेचक द्वारा जमानतीय एवं सात वर्ष की सजा से कम सजा वाला अपराध होने के बाबजूद आरोपी टैंकर चालक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर उसको न्यायिक अभिरक्षा रिमांड अदालत में पेश किया।
जिसका टैंकर चालक के अधिवक्ता अजीत सिसोदिया एवं ऋषि राज चौहान ने पुरजोर विरोध व्यक्त करते विवेचक पर गम्भीर आरोप लगा कर कहा कि स्वार्थ पूर्ति नहीँ होनें पर विवेचक द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
आरोपी के अधिवक्ताओं के तर्क पर सीजेएम माननीय अचल प्रताप सिंह ने विवेचक की कार्य प्रणाली पर उसे कानून का पाठ पढ़ा उसकें विरुद्ध कार्यवाही के उच्चाधिकारियों को आदेश दिये।
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