आगरा।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-5) माननीय विराट कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने थाना बाह क्षेत्र से जुड़े हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) और अन्य धाराओं के एक मामले में तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है।
अदालत में मामले के वादी, उनके पुत्र और पुत्री के अपने पूर्व बयानों से मुकर जाने के कारण अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध नहीं कर सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी सुग्रीव सिंह ने थाना बाह में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। वादी का आरोप था कि 7 जून 2017 की सुबह करीब 8 बजे वह अपने पुत्र संदीप के साथ घर के पास स्थित हनुमान मंदिर पर बैठे हुए थे।
तभी आरोपी भूरे सिंह, महाराज सिंह और सुम्मवीर सिंह (निवासी गण पुरा खुशी लाल, थाना बाह, जिला आगरा) हथियारों से लैस होकर वहां आ गए और वादी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
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दर्ज मुकदमे के मुताबिक, जब वादी ने इस बात का विरोध किया तो आरोपियों ने वादी और उसके पुत्र की हत्या करने के उद्देश्य से उन पर गोलियां चला दीं, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
आरोप यह भी था कि घटना के दौरान जब वादी की पत्नी और पुत्री बीच-बचाव करने के लिए आईं, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की।
इस मामले के न्यायालय में विचारण (ट्रायल) के दौरान महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब वादी सुग्रीव सिंह, उनका पुत्र और पुत्री अदालत में गवाही के दौरान अपने पूर्व में दिए गए बयानों से मुकर गए (होस्टाइल हो गए)।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुरेश चंद गौतम ने मामले में पैरवी करते हुए अपनी दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत कीं।
अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि मुख्य गवाहों के मुकर जाने के कारण आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं बचा है।
अंततः साक्ष्यों के अभाव और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए, एडीजे-5 की अदालत ने तीनों आरोपियों भूरे सिंह, महाराज सिंह और सुम्मवीर सिंह को बरी करने के आदेश दिए।
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