आगरा:
धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में आगरा के एसीजेएम-4 माननीय प्रगति सिंह न्यायालय ने तीन आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। \
जिन आरोपियों को बरी किया गया है, उनमें बिजेंद्र सिंह और झम्मन सिंह (दोनों निवासी नगला डंम्बर, थाना खंदौली) और नरायन सिंह (निवासी गढ़ी राठौर, थाना खंदौली) शामिल हैं।
यह मामला थाना एत्मादपुर में केदार सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है। केदार सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी, श्रीमती पुष्पा देवी ने वर्ष 1990 में अपने पिता से 12 बीघा जमीन का बैनामा कराया था, जिसका बाद में उनके नाम दाखिल खारिज भी हो गया था।
Also Read – आगरा में 13 सितंबर को होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

वादी के अनुसार, उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद, आरोपी बिजेंद्र सिंह ने एक अन्य महिला को पुष्पा देवी के रूप में पेश करके उस जमीन का फर्जी बैनामा अपने भाई के नाम करा लिया। इस फर्जीवाड़े में झम्मन सिंह और नरायन सिंह भी शामिल थे। एक अन्य आरोपी उदय सिंह की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान, एसीजेएम-4 ने गवाहों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाया। आरोपियों के अधिवक्ता अशोक कुमार कुशवाह ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा है।
इन तर्कों को स्वीकार करते हुए, अदालत ने साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आईएसबीटी कट सड़क दुर्घटना मामला: बिना वैध लाइसेंस भारी वाहन चलाने वाले आरोपी ट्रक चालक की जमानत निरस्त - August 2, 2026
- चेक बाउंस मामले में आदेश का अनुपालन न करने पर अपीलार्थी की जमानत निरस्त, गैर-जमानती वारंट जारी - August 2, 2026
- अपहरण, दुराचार और पॉक्सो एक्ट के मामले में दो आरोपियों की जमानत स्वीकृत, रिहाई के आदेश - August 2, 2026




