आगरा/प्रयागराज: ७ जुलाई ।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाल श्रम और मानव तस्करी के आरोपों का सामना कर रहीं भदोही के विधायक जाहिद बेग की पत्नी सीमा बेग की अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
न्यायमूर्ति समीर जैन की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।
सीमा बेग पर एक नाबालिग से घरेलू काम कराने के आरोप में श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा मानव तस्करी और बाल श्रम कानूनों के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है।
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याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी और जीसान मजहर ने तर्क दिया कि कथित नाबालिग ने अपने बयान में कहा है कि वह अपनी इच्छा से काम कर रही थी। उसने यह भी बताया कि वह अपने घर जाती थी और अपने भाई से भी मिलती थी, और उसे किसी भी तरह से प्रताड़ित या जबरदस्ती काम नहीं कराया गया था।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इन परिस्थितियों में मानव तस्करी या बाल श्रम के आरोप मनगढ़ंत हैं।वहीं, सरकार की ओर से अपराध से संबंधित उपलब्ध सबूतों का हवाला देते हुए इसे एक गंभीर अपराध बताया गया और अग्रिम जमानत का विरोध किया गया।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अब इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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