20 साल बाद मिला न्याय, बिजली चोरी के आरोप से 80 वर्षीय बुजुर्ग दोषमुक्त

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आगरा।

बिजली चोरी के एक मामले में 80 वर्षीय भूरेलाल को अदालत से 20 साल के लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (आर्थिक अपराध) माननीय पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अभियोजन द्वारा आरोप सिद्ध न कर पाने पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। दोषमुक्त होने पर बुजुर्ग भूरेलाल की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

अभियोजन के अनुसार, 9 जुलाई 2006 को बाह उपखंड के अवर अभियंता विक्रम सिंह बिजली विभाग की टीम के साथ गांव चौरंगाहार में बिल वसूली और चेकिंग

अभियान के लिए गए थे। आरोप था कि गांव में कई लोग अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे, जिनमें भूरेलाल को पांच हॉर्स पावर की चक्की कटिया डालकर चलाते हुए दिखाया गया था। इस मामले की रिपोर्ट थाना बाह में दर्ज कराई गई थी।

अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ भूरेलाल दो बार हाईकोर्ट भी गए। मुकदमे के विचारण के दौरान बिजली विभाग की ओर से केवल दो गवाहों को अदालत में पेश किया गया, जो आरोप सिद्ध करने में असफल रहे।

बचाव पक्ष की ओर से ग्रेटर आगरा बार के पूर्व सचिव अधिवक्ता अखिलेश कुमार यादव ने प्रभावी तर्क और कानूनी नजीरें पेश कीं।

अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में भूरेलाल को दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद भावुक हुए बुजुर्ग ने कहा कि उन्हें अपने अधिवक्ता और अदालत पर पूरा भरोसा था।

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विवेक कुमार जैन
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