आगरा: १८ जुलाई ।
आगरा के जगनेर थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) संख्या 6 माननीय आतिफ़ सिद्दीकी ने श्रीपति पुत्र चंदन सिंह को आयुध अधिनियम के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया है।
अदालत ने साक्ष्य में विरोधाभास और स्वतंत्र गवाहों की अनुपस्थिति को बरी करने का मुख्य आधार बनाया।
यह मामला 3 दिसंबर 2017 का है, जब जगनेर गाँव में दो पक्षों के बीच झगड़े के दौरान पुलिस ने श्रीपति को एक अवैध 12 बोर की बंदूक के साथ हिरासत में लिया था।
इसके बाद, उनके खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में केवल हेड कांस्टेबल रामजीलाल और सहायक उप-निरीक्षक तेजपाल सिंह की गवाही दर्ज की गई थी।
अदालत ने अपने आदेश में स्वतंत्र गवाहों की कमी, बरामद बंदूक का विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ) से परीक्षण न कराए जाने और आरोपी के अधिवक्ता महेंद्र सिंह कुशवाह व गुफरान अंसारी द्वारा प्रस्तुत तर्कों को स्वीकार करते हुए श्रीपति को बरी करने का आदेश दिया।
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