आगरा, 10 जुलाई:
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, विधानमंडल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर, और पूर्व एमएलसी विवेक बंसल से जुड़े 5 साल पुराने एक मामले में अब अगली बहस 23 जुलाई, 2025 को होगी। यह मामला थाना फतेहपुर सीकरी से संबंधित है, जिसमें अभियोजन पक्ष ने अपर जिला जज माननीय लोकेश कुमार की अदालत में अपील दायर की है।
गुरुवार को इस मामले में बहस होनी थी, लेकिन तीनों नेताओं के अदालत में हाजिर न होने के कारण सुनवाई टाल दी गई। कोर्ट ने बहस के लिए 23 जुलाई की नई तारीख तय करते हुए तीनों नेताओं को उस दिन अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है।
यह मामला 19 मई, 2020 को कोरोना काल के दौरान एसआई जितेंद्र कुमार गौतम द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है। एफआईआर के अनुसार, अजय कुमार लल्लू, प्रदीप माथुर, विवेक बंसल और कुछ अन्य नेता राजस्थान सीमा पर बसों को उत्तर प्रदेश में प्रवेश कराने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि राजस्थान पुलिस द्वारा
रोके जाने पर इन नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन पर मास्क न पहनने और उचित सामाजिक दूरी का पालन न करने का भी आरोप लगाया गया था।
तीनों नेताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) और 269 (ऐसा कार्य जिससे जीवन के लिए संकटपूर्ण रोग का संक्रमण फैलने की संभावना हो) तथा महामारी अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला स्पेशल कोर्ट एमपी/एमएलए अर्जुन की अदालत में चला था।
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हालांकि, 2 अप्रैल, 2023 को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में तीनों नेताओं को बरी कर दिया था, क्योंकि जनता का कोई मौखिक या स्वतंत्र गवाह नहीं था और पुलिस के बयानों में भी विरोधाभास पाया गया था।
अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दायर की है। गुरुवार की सुनवाई के दौरान, तीनों नेताओं की ओर से पैरवी कर रहे राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा, आर.एस. मौर्य, के.पी. सिंह चौहान, सर्वेश कुमार, और उमेश जोशी बहस के लिए उपस्थित थे।
अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा ने अजय कुमार लल्लू की ओर से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करते हुए बताया कि कांग्रेस हाई कमान के निर्देश पर वह इस समय ओडिशा में हैं, जिसके कारण आज अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने बहस के लिए एक अग्रिम तिथि नियत करने का अनुरोध किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 जुलाई, 2025 की तारीख निश्चित की है और तीनों अभियुक्तों को उस दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
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