आगरा।
जानलेवा हमले और अन्य गंभीर धाराओं के मामले में अदालत ने ठोस साक्ष्य के अभाव में चार आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी करने के आदेश दिए हैं।
वहीं, अदालत में गवाही से मुकरने पर न्यायालय ने वादी के दोनों घायल पुत्रों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई चलाने के निर्देश दिए हैं।
यह फैसला अपर जिला जज कोर्ट संख्या 13 माननीय महेश चंद वर्मा की अदालत ने सुनाया।
बरी होने वाले आरोपियों में ग्राम प्रतापपुरा, थाना बाह निवासी मुकेश, मुन्ने उर्फ मुनेश और गट्टू तथा ग्राम डेरेक, थाना बाह निवासी पूरन प्रकाश शामिल हैं।
मामले के अनुसार, थाना खैरा राठौर में वादी गोरे लाल पुत्र करण सिंह, निवासी पुरा भदौरिया ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि 25 दिसंबर 2020 की शाम करीब 5 बजे उनके पुत्र रामवीर और दीपू घर से ट्यूबवेल जा रहे थे।
रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और सरिया तथा धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
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न्यायालय में मुकदमे के विचारण के दौरान घटना में गंभीर रूप से घायल वादी के दोनों पुत्र रामवीर सिंह और दीपू अपने पूर्व के बयानों से मुकर गए और पक्षद्रोही (होस्टाइल) हो गए।
अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों, अभियोजन की कमजोरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को दृष्टिगत रखते हुए चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
साथ ही, अदालत में दिए गए पूर्व बयानों से मुकरने को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने वादी के दोनों पुत्रों के खिलाफ विधिक कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए।
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