हत्या के प्रयास के आरोपी पिता-पुत्र बरी, गवाही से मुकरने पर घायल गवाहों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश

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आगरा ।

आगरा के थाना मलपुरा क्षेत्र में घर में घुसकर मारपीट करने और जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में नामजद पिता और उसके दो पुत्रों को बरी कर दिया है।

इसके साथ ही, मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपने बयानों से मुकरने पर अदालत ने घायल गवाहों के खिलाफ ही कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या 10) माननीय काशीनाथ की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

थाना मलपुरा में दर्ज मामले के अनुसार, वादिनी मुकदमा श्रीमती अर्चना देवी ने आरोप लगाया था कि 5 अप्रैल 2022 की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उनके पड़ोसी नरेंद्र सिंह और उनके पुत्रों अशोक, दीपक व अन्य ने पुराने विवाद को लेकर उनके घर में धावा बोल दिया था।

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आरोप था कि हमलावरों ने लाठी, डंडे और ईंट-पत्थरों से हमला कर वादिनी, उसके पुत्र टोनी और भतीजे हरी शंकर उर्फ भोले को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

इसके साथ ही आरोपियों पर जान से मारने की नीयत से गला दबाने का भी आरोप लगाया गया था।

मुकदमे के विचारण के दौरान कहानी में उस समय बड़ा मोड़ आया जब मुख्य गवाह और घायल, जिनमें वादिनी का पुत्र टोनी और भतीजा हरी शंकर उर्फ भोले शामिल थे, अदालत में अपनी ही पूर्व की कहानी और बयानों से पूरी तरह मुकर गए।

गवाहों के पक्षद्रोही (होस्टाइल) हो जाने के कारण मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं बचा।

न्यायालय ने सबूतों के अभाव और आरोपियों के अधिवक्ता राजेश कुमार एवं अजय चौधरी के विधिक तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी पिता नरेंद्र सिंह और उनके पुत्रों को दोषमुक्त करते हुए बरी करने का आदेश दिया।

इसके साथ ही, अदालत ने न्याय प्रक्रिया से खिलवाड़ करने और गवाही से मुकरने को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में घायल गवाह टोनी और हरी शंकर उर्फ भोले के विरुद्ध विधिक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं।

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विवेक कुमार जैन
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