आगरा ३० मई ।
भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के एक गंभीर मामले में, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव ने थानाध्यक्ष न्यू आगरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने यह नोटिस 30 मई, 2025 को तब जारी किया जब थाने से मांगी गई आख्या (रिपोर्ट) नियत तिथि तक नहीं भेजी गई। इस मामले की अगली सुनवाई 4 जून, 2025 को होगी।
सीजेएम माननीय श्रीवास्तव ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि यह मामला 27 मई, 2025 को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था, और कोर्ट ने नियत दिनांक से पहले ही स्पष्ट आख्या की मांग की थी।
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हालांकि, नियत दिनांक तक आख्या न भेजना “बहुत आपत्तिजनक” पाया गया है। कोर्ट ने थानाध्यक्ष न्यू आगरा को 4 जून, 2025 को न केवल मामले में आवश्यक आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है, बल्कि यह भी बताने को कहा है कि किस कारण से कोर्ट के आदेश की अवहेलना की गई।
यह मामला तब सामने आया जब राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने जितेंद्र उर्फ जीतू ठाकुर नामक एक व्यक्ति द्वारा 11 मई, 2025 को सोशल मीडिया पर स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के खिलाफ “बेहद आपत्तिजनक” पोस्ट डालने पर 13 मई को थानाध्यक्षन्यू आगरा को एक शिकायत प्रार्थना पत्र दिया था।
शिकायतकर्ता शर्मा के अनुसार, 15 दिनों तक रिपोर्ट दर्ज न होने के बाद, उन्होंने सीजेएम माननीय मृत्युंजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत में धारा 174 (3) के तहत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस पर कोर्ट ने 30 मई, 2025 की तिथि नियत करते हुए थाने से आख्या मांगी थी, लेकिन पुलिस द्वारा यह आख्या प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके परिणामस्वरूप कोर्ट ने अब थानाध्यक्ष को नोटिस जारी किया है।
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