आगरा:
योगेश्वर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से दाखिल श्रीकृष्ण विग्रह केस (संख्या-659/2023) में सुनवाई आज लघुवाद न्यायालय में हुई।
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के ‘पूजा स्थल अधिनियम’ से जुड़े एक आदेश के कारण मामले की सुनवाई 26 नवंबर तक के लिए टाल दी गई है।
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अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि 2023 में उन्होंने एक सिविल वाद दायर किया था, जिसमें आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाए गए मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के विग्रहों को बाहर निकलवाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि 1669 में औरंगजेब द्वारा इन विग्रहों को वहाँ दबा दिया गया था।
मामले में मस्जिद की सीढ़ियों का जीपीआर (ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार) सर्वे कराने की मांग की गई है, जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण टल रही है।
औरंगजेब के समय की एक पुस्तक ‘मासिर-ए-आलमगीरी’ में भी इन विग्रहों को आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाए जाने का उल्लेख मिलता है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
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