बिना तलाक दिए दूसरे विवाह के मामले में विवेचक की एफआर निरस्त, कोर्ट ने दिए अग्रिम विवेचना के आदेश

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कक्ष संख्या 9) माननीय मोहित कुमार प्रसाद की अदालत ने विवेचक द्वारा दाखिल अंतिम रिपोर्ट (एफआर) को खारिज करते हुए मुकदमे में अग्रिम विवेचना का आदेश दिया है।

अदालत ने यह निर्देश वादिया द्वारा प्रस्तुत आपत्ति (प्रोटेस्ट पिटीशन) और उसके अधिवक्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए थाना लोहामंडी पुलिस को दिए हैं।

मामले के अनुसार, थाना लोहामंडी क्षेत्र के सिर की मंडी निवासी वादिया बबीता सिंह पुत्री मूल चंद ने अपने पति सन्नी सिंह व अन्य ससुरालियों के विरुद्ध धोखाधड़ी से बिना तलाक दिए दूसरा विवाह करने सहित अन्य आरोपों में 11 मार्च 2026 को मुकदमा दर्ज कराया था।

पुलिस विवेचक ने मामले में पति व अन्य आरोपियों के पक्ष में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी।

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पुलिस की इस क्लोजर रिपोर्ट के विरुद्ध वादिया बबीता सिंह ने अपने अधिवक्ता नीरज पाठक के माध्यम से न्यायालय में प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल की।

अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि विवेचक ने साक्ष्यों की अनदेखी करते हुए आरोपियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एफआर लगाई है।

अदालत ने पत्रावली का अवलोकन करने और वादिया के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए विवेचक द्वारा प्रस्तुत एफआर को निरस्त कर दिया।

साथ ही थानाध्यक्ष लोहामंडी को प्रकरण में निष्पक्ष रूप से अग्रिम विवेचना करने के निर्देश जारी किए।

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विवेक कुमार जैन
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