आगरा:
जनपद की एक स्थानीय अदालत ने करीब 12 साल पुराने मानव वध के प्रयास के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-19) माननीय लोकेश कुमार ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपी पिता-पुत्र को दोषमुक्त (बरी) कर दिया है।
साथ ही, अदालत ने गवाही से मुकरने पर वादी मुकदमा के विरुद्ध ही विधिक कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।
मामले का विवरण:
थाना एत्माद्दौला में दर्ज मामले के अनुसार, वादी छोटे लाल वर्मा ने आरोप लगाया था कि 8 मार्च 2014 को सुशील नगर निवासी खुशी राम और उनके पुत्र विक्की ने पुरानी रंजिश के चलते उनकी पत्नी श्रीमती कुसुमा देवी के साथ गाली-गलौज और गंभीर मारपीट की थी।
वादी का दावा था कि मारपीट के कारण कुसुमा देवी की आंत में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद ऑपरेशन के जरिए उनकी जान बचाई गई थी।
Also Read – फ्लिपकार्ट डिलीवरी हब चोरी मामला: कोर्ट ने आरोपी आस मोहम्मद की जमानत याचिका की मंजूर

न्यायालय की कार्यवाही और गवाहों का मुकरना:
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी छोटे लाल वर्मा, घायल कुसुमा देवी सहित कुल पांच गवाह पेश किए गए।
हालांकि, न्यायालय में चौंकाने वाली स्थिति तब उत्पन्न हुई जब:
* वादी छोटे लाल और घायल पत्नी कुसुमा देवी अपनी ही पूर्व की गवाही से मुकर गए।
* अन्य गवाहों ने भी अभियोजन के कथानक का समर्थन नहीं किया।
अदालत का फैसला:
आरोपियों के अधिवक्ता प्रदीप राठौर के तर्कों और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के अवलोकन के बाद, अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत शेष नहीं है।
विधिक टिप्पणी: एडीजे माननीय लोकेश कुमार ने आरोपियों को ससम्मान बरी करते हुए कड़ी टिप्पणी की।
न्यायालय ने झूठी प्राथमिकी या गवाही से पलटने को गंभीरता से लेते हुए वादी छोटे लाल वर्मा के विरुद्ध विधिक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- मारपीट कर घातक चोट पहुंचाने के मामले में दोषी को जेल नहीं, छह माह की परिवीक्षा पर रिहा - July 28, 2026
- हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग वाले मुकदमे में गवाही न देने पर पुलिस उपनिरीक्षक विवेचक का वेतन रोकने का आदेश - July 28, 2026
- 27 वर्ष पुराने मादक पदार्थ मामले में पुलिस गवाहों की गैरहाजिरी से आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी - July 28, 2026




