आगरा।
बीस वर्ष पुराने गोलीबारी और मारपीट के एक सनसनीखेज मामले में आगरा की सीजेएम अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपी पिता और पुत्र को बरी कर दिया है।
यह मामला तेज गति से कार चलाने को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ था, जिसमें आरोपियों ने कथित तौर पर चार गोलियां चलाई थीं और दो युवक घायल हुए थे।
हालांकि, मुकदमे के दौरान वादी और अन्य गवाहों के अपने बयान से मुकर जाने के कारण अदालत ने यह फैसला सुनाया।
क्या था मामला ?
घटना 24 अप्रैल 2005 की देर रात की है। न्यू आगरा थाना में दर्ज मामले के अनुसार, वादी मुकदमा शूरवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि वह रात करीब 11:45 बजे अपने मित्रों के साथ बल्केश्वर में देवी जागरण से लौटकर कमला नगर स्थित अपने घर आ रहे थे।
Also Read – भाई की हत्या का बदला ? झूठे ‘हत्या प्रयास’ में फंसाए गए दो भाई दोषमुक्त

तभी आरोपी रामवीर सिंह चौहान (पुत्र स्व. दीवान सिंह, निवासी कमला नगर) और उसके पुत्र दीपक चौहान व कुछ अन्य ने उनकी कार की तेज रफ्तार पर आपत्ति जताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कथित तौर पर रिवाल्वर से चार फायर किए, जिससे शूरवीर सिंह के मित्र तरुण यादव और हिमांशु भदौरिया घायल हो गए। वादी के अनुसार, मौके पर कॉलोनीवासियों के आ जाने से उनकी जान बच सकी।
गवाहों के मुकरने से पलटा फैसला:
मारपीट, गाली-गलौज और घातक चोट पहुंचाने के इस मामले में सीजेएम माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई हुई। मुकदमे के दौरान, केवल वादी शूरवीर सिंह और घायल हिमांशु भदौरिया ही गवाही के लिए अदालत में पेश हुए।

अहम मोड़ तब आया जब दोनों गवाहों ने घटना का समर्थन नहीं किया और अपने शुरुआती बयानों से मुकर गए। साक्ष्य के अभाव को देखते हुए और आरोपी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नरायन शर्मा एवं जय नरायन शर्मा की दलीलों पर विचार करते हुए, सीजेएम ने घटना के बीस वर्ष बाद आरोपी पिता रामवीर सिंह चौहान और पुत्र दीपक चौहान को बरी करने का आदेश दिया।
यह फैसला एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया में गवाहों के मुकर जाने के गंभीर प्रभाव को दर्शाता है, जिसके कारण गंभीर अपराधों में भी आरोपियों को सजा नहीं मिल पाती है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा के उपभोक्ता आयोग प्रथम का बड़ा फैसला: कैरी बैग के लिए छह रुपये की धनराशि वसूलना पड़ा भारी - August 14, 2026
- दुराचार के दो आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास और पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा - August 14, 2026
- कॉलेज स्वामी के यहाँ करोड़ों की चोरी करने की आरोपिता की जमानत खारिज - August 14, 2026




