आगरा।
दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी के एक पुराने मामले में, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव की अदालत ने घटना के 25 वर्ष बाद फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को तीन-तीन साल के कारावास की सज़ा सुनाई है।
सजा और जुर्माना:
अदालत ने आरोपी ओम प्रकाश (पति) और प्रकाश चन्द (देवर) पुत्रगण बाँके लाल, निवासी शांति नगर, कमला नगर, थाना न्यू आगरा, को दोषी मानते हुए निम्नलिखित सज़ा सुनाई:
* कारावास: तीन वर्ष की कैद।
* अर्थदंड: ₹72,000/- का जुर्माना।
दोनों आरोपियों को दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जान से मारने की धमकी, और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया है।
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क्या था मामला ?
यह मामला 6 फरवरी 1999 को थाना न्यू आगरा में दर्ज किया गया था।
* पीड़िता का आरोप: वादनी मुकदमा ने अपने पति ओम प्रकाश और देवर प्रकाश चन्द पर आरोप लगाया था कि वे दहेज से संतुष्ट नहीं थे।
* उत्पीड़न: वे पीड़िता को अतिरिक्त दहेज के रूप में ₹15,000/- की मांग करते हुए उत्पीड़न करते थे, मारपीट करते थे और जान से मारने की धमकी देते थे।
* जांच: वादनी की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मार्च 1999 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और मात्र चार दिन में विवेचना पूर्ण कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
सीजेएम माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य और अभियोजन अधिकारी (पी.ओ.) राजेश कुमार के तर्कों को स्वीकार करते हुए, यह निर्णय दिया और 25 वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आरोपियों को दंडित किया।
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