आगरा:
एक महत्वपूर्ण फैसले में, अदालत ने एक मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत पति को अपनी पत्नी और बेटे को अंतरिम भरण-पोषण के लिए हर महीने ₹25,000/- देने का आदेश दिया है। इसके अलावा, उसे वाद व्यय (कानूनी खर्च) के तौर पर एकमुश्त ₹15,000/- भी देने होंगे।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला आगरा की रहने वाली एक महिला का है, जिसका विवाह 2014 में वाराणसी के एक युवक से हुआ था। 2015 में उनके एक बेटा हुआ।
Also Read – जीजा के अपहरण और हत्या के प्रयास के आरोप में साले की जमानत मंजूर

महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे। इस वजह से 16 अगस्त 2019 को पति और अन्य ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और उसे उसके नाबालिग बेटे के साथ घर से निकाल दिया।
महिला ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, और अदालत ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया।
अदालत का आदेश:
अदालत ने विपक्षी पति को आदेश दिया कि वह अपनी पत्नी और बेटे के अंतरिम भरण-पोषण के लिए हर महीने ₹25,000/- का भुगतान करे।
साथ ही, उसे मुकदमे से जुड़े खर्चों के लिए एकमुश्त ₹15,000/- भी देने होंगे। इस मामले में पत्नी की ओर से अधिवक्ता शैलेन्द्र पाल सिंह और सत्यप्रकाश सिंह बघेल ने पैरवी की।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- मंदिर में पांच वर्षीया बालिका से दुराचार के प्रयास में अभियुक्त को सात वर्ष का कठोर कारावास - September 16, 2026
- छात्रा अपहरण एवं दुराचार मामले में 15 वर्ष बाद चार आरोपी साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त - September 16, 2026
- लूट के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर, अदालत ने दो आरोपियों की जमानत की स्वीकृत - September 16, 2026




