आगरा:
आगरा की एक अदालत ने एक फौजी को उसके जीजा के अपहरण और हत्या के प्रयास के मामले में जमानत दे दी है।
एडीजे-1 माननीय राजेंद्र प्रसाद ने आरोपी राजपाल उर्फ राजू पुत्र बाबूलाल निवासी बिलारा, थाना खंदौली की जमानत याचिका स्वीकार कर उसे रिहा करने का आदेश दिया।
क्या है मामला ?
यह मामला थाना खंदौली में दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता हरदेव सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी के भाई राजपाल उर्फ राजू, सत्यपाल और धर्मपाल उन पर संपत्ति बेचने और पैसे देने का दबाव बना रहे थे।
हरदेव का आरोप है कि ये लोग उनकी पत्नी को भी उनके साथ नहीं रहने देना चाहते थे और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे थे।
Also Read – महिला को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20,000/- रुपये के जुर्माने की सजा

हरदेव के मुताबिक, 4 सितंबर 2025 की सुबह करीब 9 बजे उनके साले राजपाल, सत्यपाल और धर्मपाल दो अन्य लोगों के साथ एक क्रेटा कार में उनके गांव खेड़िया आए।
उन्होंने हरदेव को जान से मारने की नीयत से अगवा करने की कोशिश की। जब गांव वालों ने इसका विरोध किया, तो उन्होंने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस के मौके पर पहुंचने पर हरदेव को आरोपियों की कार से बरामद किया गया। हरदेव ने आरोप लगाया कि ले जाते समय आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की।
आरोपी फौजी का पक्ष:
आरोपी राजपाल उर्फ राजू की ओर से उनके वकील योगेश शुक्ला और गुंजन अग्रवाल ने अदालत में तर्क दिया कि हरदेव ने 3 सितंबर 2025 को उनकी बहन (हरदेव की पत्नी) श्रीमती लक्ष्मी देवी के साथ मारपीट की थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उसका मेडिकल और सीटी स्कैन भी कराया गया था।

वकीलों ने बताया कि हरदेव और उसके भाइयों ने खुद समझौता करने के लिए उन्हें बुलाया था। वहीं हरदेव और उसके भाइयों ने उनके साथ मारपीट की।
वकीलों ने दावा किया कि हरदेव खुद उनकी गाड़ी में छुप गए थे ताकि उन्हें झूठे अपहरण के आरोप में फंसाया जा सके।
अदालत ने आरोपी के वकीलों के तर्कों को स्वीकार करते हुए, फौजी राजपाल की जमानत याचिका मंजूर कर ली और उसे रिहा करने का आदेश दिया।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin




