आगरा:
विशेष न्यायाधीश (POCSO एक्ट) माननीय सोनिका चौधरी की अदालत ने अदालती आदेशों की बार-बार अवहेलना करने पर कड़ा रुख अपनाया है।
न्यायालय ने एक मुकदमे में गवाही के लिए उपस्थित न होने पर विवेचक अंकित कुमार का वेतन रोकने का आदेश पुलिस आयुक्त, आगरा को दिया है।
मामला क्या है ?
यह मामला वर्ष 2022 का है, जब उपनिरीक्षक अंकित कुमार आगरा के थाना बरहन में तैनात थे।
उनके द्वारा एक युवती से अश्लील हरकत और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की विवेचना की गई थी। वर्तमान में अंकित कुमार थाना खंदौली में तैनात हैं।
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न्यायालय की नाराजगी के मुख्य बिंदु:
* अंतिम गवाही शेष: न्यायालय में लंबित इस मुकदमे में विवेचक के अतिरिक्त अन्य सभी गवाहों की गवाही दर्ज हो चुकी है।
* आदेशों की अवहेलना: अदालत द्वारा पूर्व में कई प्रतिकूल आदेश पारित किए गए थे, इसके बावजूद विवेचक गवाही के लिए हाजिर नहीं हुए।
* वेतन पर रोक: विवेचक की इस कार्यप्रणाली को गंभीरता से लेते हुए, न्यायाधीश ने पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि उपनिरीक्षक अंकित कुमार का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया जाए।
अगली सुनवाई और निर्देश:
विशेष न्यायाधीश ने पुलिस आयुक्त को निर्देशित किया है कि आगामी 7 मार्च को विवेचक को अनिवार्य रूप से अदालत में हाजिर कराया जाए ताकि मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ सके।
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