आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए बीमा कंपनी द्वारा कोविड-19 के इलाज का क्लेम खारिज किए जाने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना है।
आयोग ने विपक्षी बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादी को उसके इलाज पर खर्च हुई पूरी राशि ब्याज सहित अदा करे।
मामले के अनुसार, बाग फरजाना निवासी अनुराग अग्रवाल ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से चोलामण्डलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी की एक ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी।
सितंबर 2020 में अनुराग कोविड-19 से संक्रमित हो गए और गिरते प्लेटलेट्स के कारण उन्हें डॉक्टर की सलाह पर प्रभा हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा।
तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उनके इलाज पर कुल 99,335/- रुपये खर्च हुए।
Also Read – आगरा में चौदह वर्षीय पुत्र की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी पिता को आजीवन कारावास
जब परिवादी ने बीमा कंपनी के पास क्लेम प्रस्तुत किया, तो कंपनी ने यह कहते हुए इसे खारिज कर दिया कि सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार कोविड के मरीज को घर पर ही क्वारंटाइन रहना चाहिए था और अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य नहीं था।
कंपनी का तर्क था कि जांच और डायग्नोस्टिक के उद्देश्य से भर्ती होना पॉलिसी के तहत कवर नहीं है।
सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने बीमा कंपनी के तर्कों को विधिक रूप से निराधार पाया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि सरकारी गाइडलाइंस का यह अर्थ कतई नहीं है कि गंभीर स्थिति होने पर मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हो सकता।
Also Read – आगरा अदालत में चल रहे कंगना रनौत मामले में टला फैसला, अब 30 अप्रैल को आएगा कोर्ट का आदेश

डॉक्टर की सलाह पर प्लेटलेट्स कम होने की स्थिति में भर्ती होना आवश्यक था, अन्यथा मरीज के प्राणों को जोखिम हो सकता था।
आयोग ने अपने आदेश में चोलामण्डलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देशित किया है कि वह परिवादी को इलाज के खर्च की राशि 99,335/- रुपये, क्लेम खारिज करने की तिथि 27 नवंबर 2020 से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ भुगतान करे।
इसके अलावा, मानसिक पीड़ा के लिए 5,000/- रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,000/- रुपये की राशि भी अदा करने का आदेश दिया गया है।
यदि 45 दिन के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो ब्याज दर 9 प्रतिशत वार्षिक देय होगी।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- आगरा न्यायिक अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल - April 17, 2026
- साक्ष्य के अभाव में दुराचार और पाक्सो एक्ट के आरोप से मौसेरा भाई बरी - April 17, 2026
- दहेज उत्पीड़न और अप्राकृतिक कृत्य के आरोप में पति सहित नौ पर मुकदमे का आदेश - April 17, 2026







